महिला सशक्तिकरण की मिसाल: नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ने जरूरतमंद महिला को दी सिलाई मशीन
ऋषिकेश । समाज में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ने एक जरूरतमंद महिला को सिलाई मशीन एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
ट्रस्ट से जुड़ी उक्त महिला ने संस्था के माध्यम से एक वर्ष तक निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी आर्थिक तंगी के चलते वह अपना रोजगार शुरू नहीं कर पा रही थी। ऐसे में संस्था ने उसकी परिस्थितियों को समझते हुए उसे सिलाई मशीन प्रदान की, ताकि वह घर बैठे ही स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सके। इसके साथ ही संस्था द्वारा उसे प्रशस्ति पत्र देकर उसके प्रयासों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के कई प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर सतीश अग्रवाल, प्रशिक्षण दे रहीं अंजना एवं पुष्पा, शिक्षा व्यवस्था देख रहीं शिखा पाल, सह-संस्थापक नूपुर गोयल, संस्थापक नीरजा गोयल तथा कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर रहीं लक्ष्मी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संस्था केवल महिला सशक्तिकरण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही उन्हें कॉपी, पेंसिल जैसी अध्ययन सामग्री भी वितरित की जाती है। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क फिजियोथेरेपी सेंटर का संचालन भी किया जा रहा है, जिससे कई लोगों को लाभ मिल रहा है।
संस्था का स्पष्ट उद्देश्य है कि समाज के कमजोर वर्ग—विशेषकर महिलाएं, बच्चे और दिव्यांगजन—आत्मनिर्भर बनें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।

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